ऐसा कई बार होता है कि हमारा कोई काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। ऐसे में हमें काफी निराशा होती है। कई बार ऐसा भी होता है कि हमारे कार्य की सफलता उन लोगों पर टिकी होती है जिनके हमारी बिल्कुल नहीं बनती। ऐसे समय अगर नीच लिखे मंत्र का विधि-विधान से जप किया जाए तो हर बिगड़ी हुई बात बन जाती है और कार्य सिद्धि हो जाता है।
मंत्र -
ओम् श्रीं श्रीं ओम् ओम् श्रीं श्रीं हुं फट् स्वाहा।
जप विधि -
सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद एकांत में कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करें। कुछ ही दिनों में इस मंत्र का असर दिखने लगेगा और आपके कार्य बनते जाएंगे।
मंत्र -
ओम् श्रीं श्रीं ओम् ओम् श्रीं श्रीं हुं फट् स्वाहा।
जप विधि -
सुबह जल्दी उठकर साफ वस्त्र पहनकर सबसे पहले भगवान शिव की पूजा करें। इसके बाद एकांत में कुश के आसन पर बैठकर रुद्राक्ष की माला से इस मंत्र का जप करें। कुछ ही दिनों में इस मंत्र का असर दिखने लगेगा और आपके कार्य बनते जाएंगे।